सायरन बजा… रास्ते खुलते गए, लेकिन पुलिस ने खोल दिया शराब तस्करी के हाईटेक नेटवर्क का राज! एम्बुलेंस में मरीज नहीं, 80 पेटी अंग्रेजी शराब; आगे थार करती थी पायलटिंग, राज्यों की सीमा पर बदल दी जाती थीं नंबर प्लेटें, पांच अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार!
आगरा। सायरन बजाती एम्बुलेंस… आगे रास्ता साफ करती एक थार… जिसे देखकर हर कोई यही समझता था कि किसी मरीज की जान बचाने की जद्दोजहद चल रही है। लोग खुद-ब-खुद किनारे हो जाते और एम्बुलेंस बिना किसी रोक-टोक के आगे बढ़ जाती। लेकिन इस सायरन के पीछे इंसानियत नहीं, बल्कि लाखों रुपये की अवैध शराब तस्करी का संगठित खेल चल रहा था। कमिश्नरेट आगरा की एत्मादपुर पुलिस, साइबर/सर्विलांस काउंटर इंटेलिजेंस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने इस हाईटेक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने एक एम्बुलेंस, एक महिंद्रा थार, करीब ₹10.50 लाख कीमत की 80 पेटी अंग्रेजी शराब, सात मोबाइल फोन और नकदी बरामद की है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह का तरीका बेहद शातिर था। हरियाणा और पंजाब से शराब भरकर एम्बुलेंस में रखी जाती थी। एम्बुलेंस के आगे एक थार पायलट वाहन के रूप में चलती थी, जो रास्ता साफ कराती थी। सायरन बजने पर ट्रैफिक अपने आप हट जाता और किसी को भी एम्बुलेंस पर शक नहीं होता। इतना ही नहीं, राज्य की सीमा पार करते समय एम्बुलेंस और थार दोनों की नंबर प्लेट बदल दी जाती थी, ताकि पुलिस की निगाह से बचा जा सके। 18 जुलाई को गश्त के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि यमुना एक्सप्रेसवे पुल के नीचे गढ़ीरामी रोड पर एक एम्बुलेंस और थार में भारी मात्रा में अवैध शराब लदी हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों वाहनों को घेर लिया। तलाशी लेने पर एम्बुलेंस से विभिन्न ब्रांड की 80 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब साढ़े दस लाख रुपये आंकी गई।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से अंतरराज्यीय शराब तस्करी कर रहे थे। एम्बुलेंस का इस्तेमाल इसलिए किया जाता था क्योंकि उसे देखकर आम लोग और कई बार चेकिंग करने वाले भी रास्ता दे देते थे। आगे चल रही थार पूरे रास्ते की निगरानी करती थी और जरूरत पड़ने पर मार्ग बदलने या खतरे की सूचना देती थी। हर राज्य के हिसाब से नंबर प्लेट बदलकर गिरोह पुलिस को भ्रमित करता था। पुलिस ने इस मामले में रोहित, साहिल (पुत्र जगवीर), साहिल (पुत्र धर्मपाल), पंकज और संदीप, सभी निवासी हरियाणा, को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से एक महिंद्रा थार, एक एम्बुलेंस, सात मोबाइल फोन, नकदी और शराब की खेप बरामद की गई है।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि शराब की सप्लाई किन-किन राज्यों तक की जाती थी, गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं तथा इस अवैध कारोबार का मास्टरमाइंड कौन है। एम्बुलेंस, जो आमतौर पर जिंदगी बचाने का प्रतीक मानी जाती है, उसे शराब तस्करी का हथियार बनाने वाले इस गिरोह का पर्दाफाश कर एत्मादपुर पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है।
“सायरन बजाकर कानून को धोखा देना आसान समझा था… लेकिन पुलिस की नज़र से बचना इतना आसान नहीं।” “एम्बुलेंस का सायरन चाहे कितना भी तेज़ क्यों न बजे… कानून की दस्तक उससे कहीं ज्यादा बुलंद होती है!”