आगरा। जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति वर्ष 2026 में जनकपुरी महोत्सव को पहले से अधिक भव्य, दिव्य और आकर्षक स्वरूप देने की तैयारी में जुट गई है। इस बार भावना एस्टेट रोड पर बसने वाली मिथिला नगरी में श्रद्धालुओं को कई नए आकर्षण देखने को मिलेंगे। सबसे बड़ा आकर्षण भगवान श्रीराम की रामबारात का होगा, जिसके जनकपुरी में प्रवेश के दौरान प्रशासन की अनुमति मिलने पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की जाएगी। यदि अनुमति मिलती है तो श्रद्धालु पहली बार इस दिव्य दृश्य के साक्षी बनेंगे। जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजीव कुमार (राजू यादव) ने बताया कि इस वर्ष कावेरी कौस्तुभ अपार्टमेंट के निकट करीब 16 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में विशाल और भव्य जनक महल का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए मनमोहन अग्रवाल और संजीव अग्रवाल ने अपनी भूमि आयोजन समिति को उपलब्ध कराई है। जनक महल की रूपरेखा तैयार करने के लिए विशेषज्ञों के साथ लगातार मंथन किया जा रहा है, ताकि इस बार का आयोजन ऐतिहासिक बन सके।
उन्होंने बताया कि जनकपुरी क्षेत्र में श्रद्धालुओं के प्रवेश के लिए चार भव्य मुख्य द्वार बनाए जाएंगे। ये द्वार सावित्री देवी पुरुषोत्तम दास कैंसर हॉस्पिटल रोड, भावना एस्टेट, केके नगर और गुरुद्वारा मार्ग पर स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए अलग विशेष प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। आयोजन समिति गोल्फ कार्ट की व्यवस्था करने का भी प्रयास कर रही है, जिससे बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। समिति ने इस बार भीड़ प्रबंधन को विशेष प्राथमिकता दी है। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रवेश और निकास मार्गों की ऐसी योजना बनाई जा रही है कि आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक वाहन आसानी से आवागमन कर सकें। चारों प्रमुख मार्गों पर प्रतीक्षालय भी बनाए जाएंगे।
मीडिया प्रभारी राणा सुशील सिंह ने बताया कि जनक महल के साथ-साथ प्रत्येक प्रवेश द्वार पर रामायण काल की भव्य झांकियां स्थापित की जाएंगी। संपूर्ण जनकपुरी क्षेत्र को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया जाएगा और क्षेत्र के घरों को भी उसी थीम पर अलंकृत किया जाएगा। आयोजन परिसर में लगने वाले सभी स्टॉलों का आवंटन और उनकी सजावट आयोजन समिति की ओर से की जाएगी, जिससे पूरे परिसर में एकरूपता और सौंदर्य बना रहे। मुख्य संरक्षक मनोज बंसल और कार्यकारी अधिकारी संजय गोयल ने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम की बहन शांता और उनके पति श्रृंगी ऋषि के जीवन से भी परिचित कराया जाएगा। इसके लिए विशेष झांकी तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि आगरा जनपद में श्रृंगी ऋषि का आश्रम होने के बावजूद अधिकांश लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। महोत्सव के माध्यम से इस ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
आयोजन समिति श्रद्धालुओं के लिए खानपान की बेहतर व्यवस्था पर भी काम कर रही है। शहर के प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट्स के स्टॉल लगाए जाने की योजना है, ताकि एक ही परिसर में गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा सके। बैठक में महिला समिति की नई कार्यकारिणी की भी घोषणा की गई। अमृता पोरवाल को महिला समिति का अध्यक्ष बनाया गया। वहीं डॉ. रुचि चतुर्वेदी को मंच संचालन एवं मंच व्यवस्था, आरती शर्मा को मुख्य संरक्षक, सूची खंडेलवाल को मुख्य संयोजक, शीतल अग्रवाल को मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एकता बंसल को उपाध्यक्ष, सीमा सिंह को महामंत्री, दीप्ति नरेंद्र अग्रवाल को कोषाध्यक्ष तथा मिसी यादव और शालिनी पोरवाल को समन्वयक का दायित्व सौंपा गया।
इसके साथ ही आयोजन समिति की कोर कमेटी का भी गठन किया गया, जिसमें संतोष कटारा, संजय गोयल, मनोज बंसल, धर्मेश जैन, अंकुश मित्तल, आकाश गोयल ग्वाला, राणा सुशील सिंह सहित कई पदाधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गईं। समिति का कहना है कि इस बार जनकपुरी महोत्सव को ऐसा स्वरूप दिया जाएगा, जो आगरा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगा।