दिल्ली के दो GIVA शोरूम में भी कर चुके थे बड़ी चोरी, नेपाल तक फैला नेटवर्क; सीसीटीवी और तकनीकी जांच से पुलिस पहुंची आरोपियों तक…
आगरा। फतेहाबाद रोड स्थित GIVA ज्वैलरी स्टोर में हुई लाखों रुपये की सनसनीखेज चोरी का आगरा पुलिस ने सफल खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय चोर गिरोह के पांच शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। थाना ताजगंज पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने चोरी गए माल का बड़ा हिस्सा बरामद कर लिया। आरोपियों के कब्जे से 116.3 ग्राम सोना, 1.18 लाख रुपये नकद, 35 हजार रुपये नेपाली मुद्रा, छह मोबाइल फोन, आधार कार्ड और अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार चोरी गया करीब 70 प्रतिशत माल बरामद कर लिया गया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी बिहार के रहने वाले हैं और लंबे समय से अंतरराज्यीय स्तर पर ज्वैलरी शोरूमों को निशाना बनाकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। आगरा में वारदात के बाद आरोपी बिहार भाग गए थे, जहां उन्होंने चोरी किए गए माल का एक हिस्सा बेच दिया। शेष सोने के आभूषणों को पिघलाकर दिल्ली और नेपाल के बाजारों में खपाने की तैयारी थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने गिरोह को दबोच लिया।
सीसीटीवी फुटेज बनी सबसे बड़ा सुराग
घटना के बाद ताजगंज पुलिस और एसओजी ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। कई दिनों तक लगातार तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। पुलिस टीम ने संदिग्धों की गतिविधियों को जोड़ते हुए एक-एक कड़ी तलाश की और आखिरकार पूरे गिरोह तक पहुंचने में सफलता हासिल की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों ने अपनी पहचान छिपाने और पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र के मजबूत नेटवर्क ने उनके सभी प्रयास विफल कर दिए।
बेहद शातिर था चोरी का तरीका
पूछताछ में गिरोह की कार्यप्रणाली भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार वारदात के दौरान गिरोह का एक सदस्य शोरूम के शटर के बाहर सफेद कपड़ा फैलाकर बैठ जाता था। देखने में वह सामान्य व्यक्ति प्रतीत होता था, लेकिन उसका वास्तविक काम बाहर आने-जाने वालों और पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखना था। जैसे ही किसी खतरे की आशंका होती, वह तुरंत अंदर मौजूद साथियों को संकेत दे देता था। इस तरीके से गिरोह कई राज्यों में वारदातों को अंजाम देता रहा और लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बचा रहा।
दिल्ली में भी दे चुके हैं बड़ी वारदात को अंजाम
जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी पहली बार किसी बड़ी चोरी में शामिल नहीं थे। इससे पहले भी यही गिरोह दिल्ली के रोहिणी और प्रीत विहार स्थित GIVA ज्वैलरी स्टोर में बड़ी चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। इन मामलों की जानकारी दिल्ली पुलिस को भी भेजी गई है और वहां दर्ज मुकदमों से आरोपियों का मिलान कराया जा रहा है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह देश के अन्य राज्यों में भी कई बड़ी चोरी की घटनाओं में शामिल रहा है।
नेपाल तक फैला है चोरी के माल का नेटवर्क
पूछताछ में खुलासा हुआ कि चोरी किए गए आभूषणों को सीधे बाजार में बेचने के बजाय पहले पिघलाया जाता था, जिससे उनकी पहचान खत्म हो जाए। इसके बाद सोने को अलग-अलग माध्यमों से दिल्ली और नेपाल भेजा जाता था। वहां स्थानीय कारोबारियों और बिचौलियों के जरिए इसे बाजार में खपाया जाता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरोह के संपर्क किन-किन राज्यों और देशों तक फैले हुए हैं।
कई और सदस्य पुलिस के रडार पर
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अन्य नाम भी सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह के कुछ सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
अन्य राज्यों का आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड बिहार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में खंगाला जा रहा है। विभिन्न थानों से जानकारी जुटाई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपियों ने अब तक कितनी चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
आगरा पुलिस की बड़ी सफलता
ताजगंज पुलिस और एसओजी की इस कार्रवाई को हाल के समय की बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस ने न केवल लाखों रुपये की चोरी का पर्दाफाश किया, बल्कि एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का भी भंडाफोड़ किया है, जो दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश और नेपाल तक अपना नेटवर्क फैलाकर ज्वैलरी शोरूमों को निशाना बना रहा था। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए जांच लगातार जारी है और जल्द ही इस मामले में कई और अहम खुलासे किए जाएंगे।