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बेटियों की सुरक्षा पर बड़ा एक्शन! अब स्कूल-कोचिंग के बाहर हर समय रहेगी पुलिस, मनचलों की अब खैर नहीं : डॉ. बबीता सिंह चौहान

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छात्राओं से छेड़छाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी, महिला आयोग के आदेश के बाद पुलिस होगी जवाबदेह

आगरा। आगरा में स्कूल, कॉलेज और कोचिंग जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर अब बड़ा बदलाव होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान के सख्त निर्देशों के बाद आगरा पुलिस और जिला प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने के आदेश दिए गए हैं। अब केवल किसी घटना के बाद कुछ दिनों की औपचारिक पुलिस ड्यूटी नहीं, बल्कि संवेदनशील स्थानों पर स्थायी निगरानी और जवाबदेही तय की जाएगी। महिला आयोग ने साफ कहा है कि आगरा के गर्ल्स स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों और छात्राओं के आने-जाने वाले रास्तों पर नियमित पुलिस गश्त सुनिश्चित की जाए। जहां जरूरत होगी वहां स्थायी पुलिस पिकेट लगाई जाएगी, ताकि मनचलों और असामाजिक तत्वों पर लगातार नजर रखी जा सके।

आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि शहर के सभी प्रमुख चौराहों, स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग सेंटरों के बाहर लगे बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों को तत्काल चालू कराया जाए। यदि किसी स्थान पर कैमरे खराब मिले या सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। सबसे अहम निर्देश यह है कि छुट्टी के समय केवल वर्दीधारी पुलिस ही नहीं, बल्कि सादे कपड़ों में महिला पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया जाएगा। क्योंकि कई बार मनचले स्कूल के मुख्य गेट पर नहीं, बल्कि चाट-गोलगप्पे के ठेलों, पान की दुकानों, चौराहों और सुनसान रास्तों पर छात्राओं को परेशान करते हैं। ऐसे स्थानों पर अब औचक निगरानी और तत्काल कार्रवाई होगी।

महिला आयोग ने आगरा पुलिस को यह भी स्पष्ट संदेश दिया है कि छात्राओं की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी क्षेत्र में पुलिस की अनुपस्थिति या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित बीट प्रभारी, चौकी प्रभारी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आगरा जैसे बड़े शैक्षणिक शहर में हजारों छात्राएं रोजाना स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों में पढ़ने जाती हैं। ऐसे में महिला आयोग के इस फैसले को बेटियों की सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि ये आदेश जमीन पर कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से लागू होते हैं।

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