आगरा। ताजमहल के बाद अब आगरा आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को शहर के अन्य ऐतिहासिक स्मारकों पर भी बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है। जल्द ही ऐसा संभव हो सकता है कि आगरा किला, फतेहपुर सीकरी, सिकंदरा और एत्माद्दौला जैसे प्रमुख स्मारकों में प्रवेश के लिए अलग-अलग टिकट लेने की आवश्यकता न पड़े। इन चारों स्मारकों के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के प्रवेश शुल्क और आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) द्वारा लिए जाने वाले पथकर (टोल टैक्स) की संयुक्त टिकट जारी करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में हुई पथकर सलाहकार समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को प्राथमिकता देते हुए एएसआई को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद एएसआई ने संयुक्त टिकट व्यवस्था का प्रस्ताव अपने दिल्ली मुख्यालय को भेज दिया है। अब अंतिम मंजूरी मिलने के बाद इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा।
एक टिकट से चार स्मारकों में प्रवेश की तैयारी
वर्तमान में ताजमहल को छोड़कर आगरा किला, फतेहपुर सीकरी, सिकंदरा और एत्माद्दौला जैसे प्रमुख स्मारकों पर पर्यटकों को दो अलग-अलग टिकटें लेनी पड़ती हैं। पहली टिकट एएसआई के प्रवेश शुल्क की होती है, जबकि दूसरी टिकट एडीए द्वारा वसूले जाने वाले पथकर की होती है। इस दोहरी व्यवस्था के कारण पर्यटकों को टिकट काउंटरों पर अतिरिक्त समय लगाना पड़ता है। विदेशी पर्यटक हों या भारतीय, सभी को अलग-अलग भुगतान की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। यदि संयुक्त टिकट लागू होती है तो एक ही टिकट में प्रवेश शुल्क और पथकर दोनों शामिल होंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और तेज हो जाएगी।
वर्षों से उठ रही थी पर्यटन उद्योग की मांग
आगरा के होटल व्यवसायियों, पर्यटन संगठनों, टूर ऑपरेटरों और गाइडों की ओर से लंबे समय से यह मांग उठाई जा रही थी कि जिस प्रकार ताजमहल पर संयुक्त टिकट व्यवस्था लागू है, उसी प्रकार शहर के अन्य विश्व प्रसिद्ध स्मारकों पर भी यह सुविधा उपलब्ध कराई जाए। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि अलग-अलग टिकट लेने की बाध्यता से पर्यटकों का समय बर्बाद होता है और कई बार वे अन्य स्मारकों का भ्रमण करने से भी बचते हैं। संयुक्त टिकट लागू होने से न केवल पर्यटकों की सुविधा बढ़ेगी बल्कि आगरा के अन्य स्मारकों पर भी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।
जनवरी से जून तक बैठकों में लगातार उठा मुद्दा
संयुक्त टिकट व्यवस्था को लेकर पथकर सलाहकार समिति की बैठकों में लगातार चर्चा होती रही है। जनवरी में हुई बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। इसके बाद फरवरी में आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) ने एएसआई को औपचारिक पत्र भेजकर संयुक्त टिकट व्यवस्था लागू करने का अनुरोध किया। जून में आयोजित अगली बैठक में मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने इस विषय पर तेजी से कार्रवाई करते हुए एएसआई अधिकारियों को संयुक्त टिकट व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके बाद एएसआई ने प्रस्ताव तैयार कर दिल्ली मुख्यालय भेज दिया।
देश में केवल आगरा में लगता है अलग से पथकर
बहुत कम लोग जानते हैं कि देश में आगरा ही ऐसा शहर है, जहां एएसआई द्वारा संरक्षित स्मारकों पर प्रवेश शुल्क के साथ-साथ एडीए द्वारा अलग से पथकर भी वसूला जाता है।
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार—
ताजमहल पर विदेशी पर्यटकों से 500 रुपये पथकर लिया जाता है।
भारतीय पर्यटकों से 10 रुपये पथकर वसूला जाता है।
यदि विदेशी पर्यटक उसी दिन अन्य स्मारकों का भ्रमण करते हैं तो उन्हें 50 रुपये अतिरिक्त पथकर देना पड़ता है। इसी वजह से टिकट व्यवस्था अपेक्षाकृत जटिल मानी जाती है।
ऑनलाइन टिकट बुकिंग भी बनी परेशानी
पर्यटकों को केवल ऑफलाइन ही नहीं बल्कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वर्तमान में एनएसडीएल के ऑनलाइन टिकट पोर्टल पर एक बार में सिर्फ दो स्मारकों की टिकट ही बुक की जा सकती है। यदि कोई पर्यटक तीसरे या चौथे स्मारक की टिकट लेना चाहता है तो उसे दोबारा पूरी जानकारी भरनी पड़ती है। इतना ही नहीं, अभी तक ऑनलाइन कंपोजिट (संयुक्त) टिकट की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। इस कारण विदेशी पर्यटक और टूर ऑपरेटर दोनों को अतिरिक्त समय और प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। मंडलायुक्त ने एएसआई अधिकारियों को इस तकनीकी समस्या का समाधान कर ऑनलाइन संयुक्त टिकट प्रणाली विकसित करने के भी निर्देश दिए हैं।
पर्यटन कारोबार को मिलेगा नया बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संयुक्त टिकट व्यवस्था लागू होती है तो आगरा आने वाले पर्यटकों के लिए यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। इससे पर्यटक केवल ताजमहल तक सीमित न रहकर आगरा किला, सिकंदरा, एत्माद्दौला और फतेहपुर सीकरी जैसे ऐतिहासिक स्थलों का भी अधिक संख्या में भ्रमण करेंगे। पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि इससे होटल, ट्रैवल एजेंसियों, गाइड, टैक्सी संचालकों और स्थानीय व्यापारियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही आगरा का पर्यटन सर्किट और मजबूत होगा।
क्या बोले एएसआई अधिकारी?
अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. स्मिथा एस. कुमार ने बताया कि वर्तमान में एएसआई द्वारा संरक्षित स्मारकों के लिए एडीए पथकर वसूलता है। चार प्रमुख स्मारकों के लिए संयुक्त टिकट व्यवस्था का प्रस्ताव दिल्ली मुख्यालय भेज दिया गया है। इस संबंध में अंतिम निर्णय मुख्यालय स्तर पर लिया जाएगा। मंजूरी मिलते ही नई व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
पर्यटकों की नजर अब दिल्ली मुख्यालय के फैसले पर
यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो आगरा के पर्यटन इतिहास में यह एक बड़ा बदलाव माना जाएगा। एक ही टिकट से चार प्रमुख स्मारकों में प्रवेश की सुविधा मिलने से न केवल पर्यटकों का समय बचेगा, बल्कि टिकट व्यवस्था भी पहले से अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक हो जाएगी। इससे आगरा का पर्यटन अनुभव विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।