आगरा। प्रधानी और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय हथियार तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना खेरागढ़ पुलिस और एसओजी/सर्विलांस (पश्चिमी जोन) की संयुक्त टीम ने सैफऊ बॉर्डर के पास घेराबंदी कर दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 11 ऑटोमैटिक .32 बोर पिस्टल, 10 अतिरिक्त मैगजीन, महिंद्रा थार, मोबाइल फोन, नकदी और फर्जी नंबर प्लेट बरामद होने से सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि भारी मात्रा में अवैध हथियारों की खेप लेकर दो तस्कर क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने सैफऊ बॉर्डर स्थित गौशाला के आगे पुलिया के पास घेराबंदी कर दी। कुछ ही देर बाद संदिग्ध महिंद्रा थार वहां पहुंची तो पुलिस ने उसे रोक लिया। तलाशी के दौरान वाहन से एक-एक कर ऑटोमैटिक पिस्टल निकलनी शुरू हुईं। बरामदगी देखकर पुलिस टीम भी हैरान रह गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हाथरस के शादाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम कन्जौली निवासी उदयवीर सिंह और राजस्थान के धौलपुर निवासी यश शर्मा उर्फ अन्नू के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से 11 अवैध ऑटोमैटिक .32 बोर पिस्टल, 10 अतिरिक्त मैगजीन, दो मोबाइल फोन, 5,850 रुपये नकद, एक महिंद्रा थार और चार नंबर प्लेट बरामद की हैं। इनमें दो नंबर प्लेट फर्जी पाई गईं, जिनका इस्तेमाल पुलिस की नजर से बचने के लिए किया जा रहा था। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आरोपी लंबे समय से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े हुए थे। पुलिस को आशंका है कि यह केवल दो तस्करों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा है। जांच इस बात पर केंद्रित कर दी गई है कि हथियार किस राज्य से लाए जाते थे, इन्हें किसके लिए मंगाया गया था और किन जिलों तक इनकी सप्लाई की जानी थी। चुनाव से पहले इतनी बड़ी संख्या में ऑटोमैटिक पिस्टलों की बरामदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन, वाहन और उनके संपर्कों की गहन जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्य कौन हैं और अब तक कितनी खेप प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पहुंचाई जा चुकी है। माना जा रहा है कि पूछताछ में कई बड़े नाम और नए खुलासे सामने आ सकते हैं। इस कार्रवाई को लेकर अपर पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट आगरा ने भी मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस लगातार अभियान चला रही है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से लाए गए, किन लोगों तक पहुंचाए जाने थे और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है। पूरे गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के निर्देशन में, अपर पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त पश्चिमी, सहायक पुलिस आयुक्त खेरागढ़ के नेतृत्व तथा थाना खेरागढ़ पुलिस और एसओजी/सर्विलांस (पश्चिमी जोन) की संयुक्त टीम ने की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और इस मामले में जल्द ही कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।